फिल्मी दुनिया भी अजीब भागदोर में भाग रही है ! अजीब सी बेचेनी हर वक़्त,हर फिल्म,हर गाने में महसूस होने लगी है.. गाने भागते भी है और भगाते भी है..भाग भाग डीके बॉस डीके बॉस डीके बॉस डीके भाग..
गाना काफ़ी चला था लेकिन फिल्म के अंदर गालियो के सिवा दर्शक और कुछ नही पक्र पाए..
दर्शक भागने लगे जिन्हे गालिया पसंद थी वो सिनिमा घर की तरह जिन्हे गालिया नही पसंद थी वो अपने घर की तरफ..!
चन्द दिन पहले डर्टी पिक्चर का एक डर्टी सा गाना काफ़ी तहलका मचा गया..
ऊ ला ला ऊ ला ला तू है मेरी फॅंटेसी.. छू ना ना छू ना ना अब में ज्वा हो गई..
हा आ,हो ओ,हो ओ,सी.. चुटकी जो तूने काटी है,चोरी से काटी है यहा वाहा,रूठी हू में तुझसे रूठी हू.. मुझे मना लेना ओ जानेजा,
चेरेंगे हम तुझको लड़की तू है बढ़ी बूमबट्ट,आ हा,आ हा,आ हा….
तबले की धुन आपको नींद से जगा जाएगी.. गाने की सिरुवत में ही एक किस्म का डर्टी पन्न सी की आवाज़ में विद्या आपके कानो तक डाल देती है.. नायक चुटकी काट नायिका को नाराज़ कर देता है..
नायिका रूठ जाती है और फिर खुद कहती है की मुझे मना लेना ओ जानेजा..
फिर उसी समय नायक बढ़ा इत्तराके कहता है की जी बात ऐसी है हम तो तुझको चेरेंगे ही लड़की तू है बढ़ी बूमबट्ट..!
फिर बप्पी दा की भारी आवाज़ में ऊ ला ला ऊ ला ला कर नायक नायिका को बताता है की वो उसकी फॅंटेसी है बोले तो खवाब है.. नायिका सॉफ इनकार कर देती है की देखो जी खवाब तक तो ठीक पर जी छू ने की नही हो रही.. क्योकि अब में ज्वा हो गयी हू..
मतलब मेडम जवानी में छू ने के लिए आप मना कर रही है, अब छोटे बच्चे भला इस गाने को सुन क्या समझे होंगे की ज्वा हो तो मच्छर तक को अपने आपको छू ने ना देना..
जवान नही हो तो कोई ऐतराज़ नही..!!
वैसे मच्छरों की बात कर डेंगू जेसी बीमारियो की याद आ गयी..
अगर आप सबके भी इस गाने को अपने घर में चलाए रखेंगे तो शायद ऊ ला ला सुन मच्छर वगेरा आपके घर में दाखिल हो जाए.. पर फिर आप भी इतरा के कह देना की देखो जी छू ना ना छू ना ना,अब में ज्वा हो गयी,में खेल कूद के गिरती नही खून नही बहाती.. सो अब खून चूसने की ज़रूरत नही है जी…. आप जा सकते है जी वरना हिट फुहार दूँगी तो आपकी सात पुश्ते भी नज़र नही आएँगी..!
खैर मच्छरों से बाद में निपत लीजिएगा.. कुल मिलाके हिसाब किताब ऐसा है जी की इश्क़िया के बाद से विद्या जी की विद्या उनसे कहती है की अब फिल्म को हिट करवाने का एक ही फ़ॉर्मूला है वो है विकट आइडिया है की भैया पहले छू ने से मना कर दो और फिर कोई छुए तो इनकार भी मत करो..
जब ही आगे गाने में वो कहती है की छुआ जो तूने तो दिल ने मारी सिट्टी..
विद्या का दिल कुक्कर की तरह उबल कर सिट्टी मरने लगता है.. वही मौका देख नायक भी कह देते है की दे दे इन गालो में एक पप्पी मीठी मीठी.. योवां तेरा सावन भरा भीग गया दिल ये मेरा..
अब भाई लोगो यह पप्पी मीठी,खट्टी,नमकीन,तीखी,फ्लेवर में आने लगी है..
चलिए खैर इन भाई साहब ने माँग कर तो पप्पी ली कुछ समय पहले एक भाई साहब ने एक मोहतर्मा से बिन पूछे टिक्का रगर दिया था फिर गाना आया था ए भाई तूने पप्पी क्यू ली सारी दुनिया छोड़के तुझे यही बस मिली ?
अब बताओ पप्पी भी लेली धन्यवाद भी नही किया और सारी दुनिया में उस पप्पी को सबसे बेकार भी कह दिया..
आ जी सुनिए तो डर्टी पिक्चर के डर्टी से गाने की कसम गानो का ऐसा टन्गरी कबाब बनने लगेगा तो बोल्लीवुड की मार्केट ठप हो ना हो अपना चेन सुकून लूट जाएगा..
तो बोलो ओम न्मा सिवाए भगवान बचाए..
Article By : Ankit Mutreja


aaj kal yei chalta hai…. sabko pasand hai ese gane kal tak log chup chup kar ese songs sunte the aaj khulam khulla iska chalan ban gya hi
bhai jaan bht hi badiya likha hai…. awsome kamaal kr diya…
Brother em really impressed by ur work keep rocking brother and I really lyked it
hope u reached ur success early sai ram
oh god.its unbeliveable.mindblowing,greatgoing…………….
vyangya accha tha…
kisi ek hi gaane ki itni bajate huye padhkar…dil ko ajeeb sa sukun mila..
coz jab sharafat ke kapde utarte hai to sabse jyada maza sharifo ko hi aata hai..
keep it up.
अच्छा काम दोस्त काम को बनाए रखना..जबरदस्त..